ग्रंथसार
आध्यात्मिक मार्ग पर बिना सोचे समझे चलना अंधेरे में बिना मशाल के चलने जैसा है, जहाँ हर कदम पर खाई का भय रहता है।
गुरु तत्व · पाठ 9
अंधानुकरण का जोखिम