ग्रंथसार
श्री प्रेमानन्द जी महाराज की शिक्षाओं का हृदय है 'राधा' नाम का जप, जो अहंकार को गलाकर ईश्वर-प्रेम को जगाने का सबसे सरल मार्ग है।
श्री प्रेमानन्द जी महाराज · पाठ 6
नाम-जप की शक्ति