ग्रंथसार
उस बालक के जीवन की कथा दक्षिण भारत के एक छोटे से गाँव से आरंभ होती है, जहाँ एक अनहोनी घटना ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी।
भगवान श्री रमण महर्षि · पाठ 2
बाल्यकाल और एक नवीन आरंभ