ग्रंथसार
वसिष्ठ की स्थिरता और ऋषि विश्वामित्र की तपस्या के बीच का संवाद ही मानव चरित्र की परिपूर्णता का प्रमाण है।
ऋषि परम्परा · पाठ 3
वसिष्ठ और विश्वामित्र