ग्रंथसार
विविधता ही भारतीय चिंतन की शक्ति है, जहाँ ऋषियों को स्मरण करने के अनेक मार्ग हमें एक ही सत्य की ओर ले जाते हैं।
ऋषि परम्परा · पाठ 8
परंपराओं की विविधता