ग्रंथसार
श्रीनाथजी के मंदिर में आज आरती तो हो रही थी, पर भगवान का मन कहीं और था, उनकी आँखें किसी को खोज रही थीं।
संत सूरदास · पाठ 6
संत सूरदास जी के अंतिम दिन