ग्रंथसार
चेतना के विस्तार की यह यात्रा केवल स्वयं को जानने की नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता को ऊँचा उठाने की एक साधना है।
योगी और आधुनिक गुरु · पाठ 7
श्री अरबिंदो और पूर्ण योग