ग्रंथसार
आकाश का सत्य कभी भी पुराने सिद्धांतों की लकीर में बंधा नहीं रहता, बल्कि वह निरंतर बदलते हुए अवलोकन को प्राथमिकता देता है।
गणित और खगोल · पाठ 11
अवलोकन और परंपरा का संवाद