ग्रंथसार
नाट्य केवल मनोरंजन नहीं, अपितु लोक-कल्याण के लिए रची गई एक दिव्य दृष्टि है।
नाट्य और शिल्प · पाठ 1
नाट्य का पावन स्वरूप