ग्रंथसार
पत्थर को तराशना केवल एक भौतिक क्रिया नहीं, बल्कि पत्थर के भीतर छिपी हुई चेतना को जागृत करने का एक मौन अनुष्ठान है।
नाट्य और शिल्प · पाठ 6
शिल्प—पाषाण में पूजा