ग्रंथसार
गुरुदेव की कुटिया में आज धर्म की उस संक्षिप्त धारा पर चर्चा हो रही है, जिसने सदियों तक भारतीय मानस को नैतिकता के सांचे में ढालकर रखा है।
धर्म सूत्र · पाठ 9
गद्य चिंतन की विरासत