ग्रंथसार
अतिथि के आगमन को मात्र एक सामाजिक औपचारिकता न मानकर, उसे साक्षात परमात्मा का पदार्पण मानने की हमारी पुरातन संस्कृति का गौरव ही मानवता की सच्ची आधारशिला है।
गृह्य सूत्र · पाठ 5
अतिथि सत्कार की गरिमा