ग्रंथसार
क्या आधुनिक युग की भागदौड़ में प्राचीन श्रौत परंपराएँ मात्र धूल फाँकते दस्तावेज बनकर रह गई हैं, या इनका कोई जीवंत अर्थ आज भी शेष है?
श्रौत सूत्र · पाठ 8
समकालीन जीवन में श्रौत धारा