ग्रंथसार
क्या तुमने कभी सोचा है देवरात, कि दुर्गम हिमालय की चोटियों पर चढ़ते हुए जब सांसें उखड़ती हैं, तो असल में हम क्या छोड़कर आते हैं?
हिमालय तीर्थ · पाठ 4
अमरनाथ: मौन गुफा का बोध