ग्रंथसार
क्या आपने कभी ऐसे स्थान की कल्पना की है जहाँ पहुँचते ही मन का सारा भय स्वतः ही विलीन हो जाए?
द्वादश ज्योतिर्लिंग · पाठ 11
नागेश्वर: भय का विनाशक