ग्रंथसार
क्या तुमने कभी सोचा है देवरात, कि सागर की लहरों का शोर ही महादेव का साक्षात अभिषेक क्यों माना जाता है?
द्वादश ज्योतिर्लिंग · पाठ 2
प्रथम ज्योतिर्लिंग: सोमनाथ