ग्रंथसार
नदी के बहते जल को देखकर क्या कभी तुमने अनुभव किया है कि वह केवल जल नहीं, अपितु माँ की ममता का अनंत प्रवाह है?
नदी तीर्थ · पाठ 7
नदी: एक जीवंत मातृत्व का स्वरूप