ग्रंथसार
क्या तीर्थ केवल भौगोलिक स्थानों की यात्रा है, या यह हमारी आत्मा के भीतर छिपे पवित्र केंद्रों को जगाने का एक माध्यम है?
सप्त पुरी · पाठ 1
पवित्र नगरों का स्वरूप