ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि हमारे देश के सात नगर केवल मिट्टी और पत्थर के स्थान नहीं, बल्कि हमारी आत्मा के सात द्वार हैं?
सप्त पुरी · पाठ 2
सप्त पुरी का परिचय