ग्रंथसार
क्या मंदिर की चौखट पर जाकर ही माँ की प्राप्ति होती है, या यह यात्रा हमारे भीतर कहीं और समाप्त होती है?
शक्ति पीठ · पाठ 10
अनंत यात्रा का विश्राम