ग्रंथसार
शक्ति पीठों की धूल माथे से लगाना केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर उस आदि शक्ति के आसन को ढूंढने की एक यात्रा है।
शक्ति पीठ · पाठ 2
देवी के पीठों की परंपरा