ग्रंथसार
शक्तिपीठों की धूल में छिपे उस वात्सल्य को खोजें, जहाँ भक्त का तर्क हार जाता है और माँ का आँचल जीत जाता है।
शक्ति पीठ · पाठ 5
मातृ-शिशु का भाव