ग्रंथसार
परमात्मा द्वारा रचित इस भौतिक शरीर में जब तक प्राण और इंद्रियाँ प्रवेश नहीं करतीं, तब तक यह निर्जीव और चेतनाहीन ही रहता है।
ऐतरेय उपनिषद् · उपनिषद् 2
मानव देह में देव-शक्तियों का प्रवेश