ग्रंथसार
क्या ज्ञान की मशाल पकड़ने मात्र से अंधेरा छंट जाता है, या वह दीपक अभी तक जला ही नहीं है?
ईश उपनिषद् · उपनिषद् 5
अंधकार की दो दिशाएँ