ग्रंथसार
मृत्यु के द्वार पर खड़ा होकर सत्य की खोज करना ही जीवन की सबसे बड़ी सार्थकता है, देवरात।
कठ उपनिषद् · उपनिषद् 1
नचिकेता का प्रश्न