ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि आपका शरीर मात्र मांस-मज्जा का ढांचा नहीं, बल्कि मोक्ष की यात्रा का एक दिव्य रथ है?
कठ उपनिषद् · उपनिषद् 5
स्वयं का रथ