ग्रंथसार
मृत्यु के द्वार पर खड़ा वह नन्हा नचिकेता हमें यह सिखा गया कि जीवन का अर्थ सांसें गिनना नहीं, बल्कि उस अमर तत्व को भीतर खोजना है।
कठ उपनिषद् · उपनिषद् 9
प्रकट होने का क्षण