ग्रंथसार
शरीर के समस्त अंगों की प्रतिस्पर्धा और प्राण की सर्वोच्च सत्ता का मार्मिक विश्लेषण।
कौषीतकि उपनिषद् · उपनिषद् 4
इंद्रियों की निर्भरता और प्राण का प्रभुत्व