ग्रंथसार
अज्ञान के अंधकार को मिटाकर आत्मज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाली यह एक अमर यात्रा है।
मुख्य उपनिषद् · उपनिषद् 5
मुण्डक उपनिषद्