ग्रंथसार
सत्य का मार्ग ही वह अविचल पथ है जिस पर चलकर ज्ञानी उस परम लक्ष्य को प्राप्त करते हैं जहाँ समस्त कामनाओं का अंत हो जाता है।
मुण्डक उपनिषद् · उपनिषद् 7
सत्य ही आचरण का आधार