ग्रंथसार
सुकेश भारद्वाज के प्रश्न से उद्भूत यह अंतिम संवाद उस परम तत्व की खोज है, जो षोडश कलाओं से युक्त होकर भी स्वयं अखंड है।
प्रश्न उपनिषद् · उपनिषद् 6
सोलह कलाओं वाला पुरुष