ग्रंथसार
श्वेताश्वतर उपनिषद् की दार्शनिक गूँज ने भारतीय चिंतन की विभिन्न धाराओं को आत्मसात कर उन्हें एक नया दिशा-बोध प्रदान किया।
श्वेताश्वतर उपनिषद् · उपनिषद् 10
दार्शनिक धाराओं पर प्रभाव