ग्रंथसार
अन्याय की ज्वाला में जलती हुई धरा ने जब न्याय के लिए पुकार की, तो भार्गव ऋषि के पुत्र का क्रोध एक महाशक्ति बनकर उभरा।
भार्गव पुराण · अध्याय 10
धरती का तप और पश्चाताप