ग्रंथसार
महर्षि भृगु की तपस्या कोई साधारण साधना नहीं थी, बल्कि यह स्वयं ईश्वर की परीक्षा लेने का एक साहसी प्रयास था।
भार्गव पुराण · अध्याय 2
तपस्या की कसौटी