ग्रंथसार
महर्षि भृगु द्वारा स्थापित परंपरा केवल ऋषियों का समूह नहीं, बल्कि धर्म और न्याय के सिद्धांतों का एक जीवंत सेतु है।
भार्गव पुराण · अध्याय 3
भार्गव परंपरा का विस्तार