ग्रंथसार
महर्षि भृगु के कुल में एक ऐसे तेजस्वी बालक का जन्म हुआ जिसने समय की धारा को अपनी तपोशक्ति से थाम लिया।
भार्गव पुराण · अध्याय 4
च्यवन का आविर्भाव