ग्रंथसार
सूखे हुए मरुस्थल में मुनि दुर्वासा की चरण-धूलि से भक्ति का ऐसा स्रोत फूटा जो युगों तक प्यासों को तृप्त करता रहा।
दुर्वासा पुराण · अध्याय 9
मरुस्थल में अमृत वर्षा