ग्रंथसार
भगवान शिव और देवी पार्वती का मिलन केवल एक विवाह नहीं, बल्कि सृष्टि के संतुलन का पुनर्गठन है।
कालिका पुराण · अध्याय 5
ब्रह्मांडीय मिलन और शक्ति का प्राकट्य