ग्रंथसार
देवी की शक्ति से आप्लावित कामरूप का क्षेत्र केवल एक स्थान नहीं, अपितु स्वयं देवी का हृदय है।
कालिका पुराण · अध्याय 8
काम रूप की पावन भौगोलिक महिमा