ग्रंथसार
सच्चा त्याग बाहरी वस्तुओं को छोड़ने में नहीं, बल्कि भीतर की आसक्तियों को मिटाने में निहित है।
कपिल पुराण · अध्याय 4
त्याग का स्वरूप