ग्रंथसार
सृष्टि के कण-कण में समाहित उस महादेव के अनंत स्वरूप की वंदना से ही ज्ञान का मार्ग प्रशस्त होता है।
माहेश्वर पुराण · अध्याय 1
महेश्वर का परम तेज