ग्रंथसार
महेश्वर की कृपा के सागर में डुबकी लगाते ही जन्म-जन्मांतर के कर्म-बंधन ढीले पड़ने लगते हैं।
माहेश्वर पुराण · अध्याय 11
कर्मों का विलीनीकरण