ग्रंथसार
पवित्र नदियों और तीर्थों का दर्शन केवल भूमि का भ्रमण नहीं, बल्कि हृदय को निर्मल करने वाली एक दिव्य यात्रा है।
नरसिंह पुराण · अध्याय 11
तीर्थों का माहात्म्य और पवित्र भूगोल