ग्रंथसार
जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब उस अनंत शक्ति का धरा पर अवतरण ही मानवता का सबसे बड़ा संबल है।
पराशर पुराण · अध्याय 3
ईश्वरीय अवतार