ग्रंथसार
सूर्य देव की उपासना केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक पवित्र सेतु है।
साम्ब पुराण · अध्याय 10
नित्य भक्ति के अनुष्ठान