ग्रंथसार
त्याग का अर्थ संसार को छोड़ना नहीं, बल्कि संसार के प्रति अपने आसक्त दृष्टिकोण को बदलना है।
सनत्कुमार पुराण · अध्याय 6
त्याग का अर्थ