ग्रंथसार
सूर्य की उपासना में ही वह सामर्थ्य है जो आत्मा को अज्ञान की जड़ता से मुक्त कर दिव्य आरोग्य प्रदान करती है।
सौर पुराण · अध्याय 3
सौर उपासना के पुण्य गुण