ग्रंथसार
सूर्य की आराधना मात्र एक क्रिया नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा के प्रकाश से जोड़ने का पावन माध्यम है।
सौर पुराण · अध्याय 8
सौर तेजोमय अनुष्ठान