ग्रंथसार
इंद्रियों का निग्रह ही भगवान शिव के सान्निध्य का प्रथम सोपान है, जो मन को स्थिरता प्रदान करता है।
शिवधर्म पुराण · अध्याय 11
आत्म-संयम का महत्त्व