ग्रंथसार
भगवान शिव के धाम की यात्रा केवल पैरों का चलना नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा के निकट पहुँचना है।
शिवधर्म पुराण · अध्याय 7
तीर्थ यात्रा का पुण्य